5 जून, प्रकृति वंदन
*🌱🌱☘️5 जून, प्रकृति वंदन☘️🌱🌱* यह कार्यक्रम सीधा सीधा प्रकृति पूजन से जुड़ा हुआ है, इसमें सहयोग कर अपने युवा पीढ़ी को प्रकृति वंदन के साथ साथ तुलसी, पीपल, बरगद, खेजड़ी व नीम पूजन के पौराणिक मान्यताओं के महत्व को बताकर हमारी परंपराओं को जीवंत करें। 🌳🌳🌳🪴🪴🪴🌳🌳🌳 क्योंकि जैसे जैसे हम पर्यावरण संरक्षण से दूर होते जा रहे हैं, वैसे वैसे हमे असंख्य समस्याए देखने को मिल रही हैं- १. ऑक्सीजन का हाहाकार मचना २. शुद्ध हवा का अभाव ३. शुद्ध खाद्य पदार्थों की अनुपलब्धता ४. शुद्ध पानी का अभाव ५. त्वचा सम्बन्धित असंख्य बीमारियां उत्पन्न होना ६. शरीर में कमजोरी महसूस होना ७. गौमाता को खुले में छोड़ना ८. गौमाता पर अमानवीय अत्याचार ९. पहले गौमाता को कैंसर बीमारी का नही सुना होगा, अब भयंकर बीमारियां सपेट में ले रही है, पर्यावरण की अशुद्धता के कारण १०. जंगलों के कटाव से छोटे जीवों का समाप्त होना, इससे पर्यावरण की पारिस्थितिक श्रृंखला का गड़बड़ा जाना, जिससे मानसून सहित अन्य पर्याव...